अजमेर लोकसभा क्षेत्र को नए लाल की तलाश,राजनैतिक पार्टियों में प्रत्याशी चयन की उलझन बरकरार
#अजमेर लोकसभा क्षेत्र को नए लाल की तलाश,राजनैतिक पार्टियों में प्रत्याशी चयन की उलझन बरकरार
#अजमेर संसदीय क्षेत्र से उपचुनाव में लोकसभा की दहलीज के अंदर प्रवेश करने का सपना देखने वाले दावेदार बहुत हैं,पर अभी तलक दोनों ही बड़े राजनैतिक दल भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी घोषित करने का जोखिम लेने से बच रहे हैं। वहीं #दिल्ली विधानसभा पर काबिज #आम आदमी पार्टी भी #कुमार विश्वाश को चुनाव लड़ाएगी ये अटकलें बाजारों में गर्म है। खैर आम आदमी पार्टी को रोल तो किसी एक को बनाने बिगाड़ने का जैसा ही रहेगी और कुमार साहेब तीसरे नंबर पर रहने का तमगा ही पाएगंगे ?
भाजपा की तरफ से दिवंगत सांसद सांवरलाल जाट के बेटे रामस्वरूप को टिकट मिलना तय सा होने के बावजूद भाजपा स्थिति साफ़ नहीं कर रही खुद को हार से बचाने जैसा जतन करती नजर आ रही है हाल फिलहाल ?
वहीं कांग्रेस का खेमा स्थानीय स्तर पर एकजुटता से उपचुनाव लड़ने की स्थिति में साफ़ नजर आता है और पूर्व विधायक केकड़ी रघु शर्मा या प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को जिताने की तैयारी में जोरों से लगा हुआ है। भाजपा के पास अजमेर में अपना रुतबा बचाने की चिंता है तो खाली हाथ कांग्रेस को केवलमात्र ये सीट पाने की आस है।
#अजमेर उपचुनाव में कल की तारीख के जीत हार का गणित क्या होगा ये तो वक्त बताएगा पर आज की तारीख में भाजपा हार के किनारे पर खड़ी नजर आती है। कांग्रेस और भाजपा के मध्य के फासले को तोला जाए तो भाजपा जाटवाद में फंसते हुए अन्य जातियों को दूर करने का जोखिम लिए हुए और कांग्रेस उन्ही अन्य जातियों के दम पर ये चुनाव जीतने की फिराक में है।
विगत चुनावों पर नजर डालें तो रासासिंह रावत को छोड़कर कोई लगातार सांसद बना नहीं अजमेर संसदीय क्षेत्र और बारी बारी से कई दफा बाहरी चहेरे जीतते भी दिखे। देश में चली मोदी लहर में स्वर्गीय सांवरलाल भी दिल्ली पहुंचे और उनके जाने के बाद उनके पुत्र पूरे जोड़ तोड़ में जुटे हैं। भाजपा भी सांवरलाल जाट के नाम को भुनाना चाहती पर भिनाय विधानसभा से लेकर नसीराबाद की यात्रा देखी जाए तो सांवरलाल जाट जाट नेता से ज्यादा नजर आते नहीं। ऐसे हालात में भाजपा अबकी बार बिन किसी लहर के चुनाव जीतेगी ये आज तो दिखता नहीं।
सांवरलाल की खाली सीट नसीराबाद से उपचुनाव में भाजपा की हार भी ये ही कहती है की ये उपचुनाव बड़ा कठिन डगर बन चुकी भाजपा के लिए। वैसे सांवरलाल जाट के लड़े चुनाव और जीत हार का सम्पूर्ण विश्लेषण भाजपा करेगी अभी भी तो उनके पुत्र का ऐनवक्त पर टिकट काट भी देगी?
विधानसभा वार देखा जाए तो कांग्रेस के लिए #मसूदा,#केकड़ी,#नसीराबाद,#दूदू क्षेत्र बढ़त देते नजर आते हैं। भाजपा अजमेर शहर,पुष्कर,किशनगढ़ में बराबरी करती लगती है।
#मसूदा विधानसभा क्षेत्र में जाट रामचंद्र चौधरी के इशारे पर मतदान करेंगे और ये साहेब किसी वक्त सांवरलाल जाट के सबसे बड़े राजनैतिक प्रतिद्व्न्दी रहे हैं तो अब मिला मौका चूकेंगे ये लगता नहीं। मसूदा में मुस्लिम काठात मेहरात गुर्जर वोट बैंक विधानसभा चुनाव में बिखरा पड़ा था जो अब एकतरफा कांग्रेस के लिए एकजुट हो रहा है। ब्राह्मण बनिया वोट परस्पर विरोध में रहते लगे और नवीन शर्मा की वापसी वर्तमान विधायक को अगली बार टिकट नहीं मिले के फेर में बदलेगी इसका भी डर।
#केकड़ी क्षेत्र की बात करें तो अगर कांग्रेस से रघु शर्मा को टिकट मिलता है तो भाजपा का पुख्ता वोट बैंक ही टूटता दिखेगा। ब्राह्मण सहित राजपूत बहुसंख्यक हैं और वो कांग्रेस को मतदान करने का मंसूबा भी सचिन पायलट का स्वागत करने के दौरान गत दिनों दिखा भी चुके। केकड़ी में अनुसूचित जाति के वोट किसी निर्दलीय अनुसूचित जाति का प्रत्याशी ले जाएगा तो नुकसान भाजपा को ही सबसे ज्यादा।
#नसीराबाद की बात तो वहां सांवरलाल जाट स्वयं भी ज्यादा मार्जिन नहीं बना पाए तो अब उनके ना रहने की स्थिति में गुर्जर बहुल क्षेत्र में कांग्रेस साफ़ बढ़त लेगी ही। अजमेर लोकसभा क्षेत्र के तमाम विधानसभाओं में से नसीराबाद ऐसी सीट है जिसपर कांग्रेस को कम से कम मेहनत करनी पड़ेगी।
#अजमेर संसदीय क्षेत्र से उपचुनाव में लोकसभा की दहलीज के अंदर प्रवेश करने का सपना देखने वाले दावेदार बहुत हैं,पर अभी तलक दोनों ही बड़े राजनैतिक दल भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी घोषित करने का जोखिम लेने से बच रहे हैं। वहीं #दिल्ली विधानसभा पर काबिज #आम आदमी पार्टी भी #कुमार विश्वाश को चुनाव लड़ाएगी ये अटकलें बाजारों में गर्म है। खैर आम आदमी पार्टी को रोल तो किसी एक को बनाने बिगाड़ने का जैसा ही रहेगी और कुमार साहेब तीसरे नंबर पर रहने का तमगा ही पाएगंगे ?
भाजपा की तरफ से दिवंगत सांसद सांवरलाल जाट के बेटे रामस्वरूप को टिकट मिलना तय सा होने के बावजूद भाजपा स्थिति साफ़ नहीं कर रही खुद को हार से बचाने जैसा जतन करती नजर आ रही है हाल फिलहाल ?
वहीं कांग्रेस का खेमा स्थानीय स्तर पर एकजुटता से उपचुनाव लड़ने की स्थिति में साफ़ नजर आता है और पूर्व विधायक केकड़ी रघु शर्मा या प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को जिताने की तैयारी में जोरों से लगा हुआ है। भाजपा के पास अजमेर में अपना रुतबा बचाने की चिंता है तो खाली हाथ कांग्रेस को केवलमात्र ये सीट पाने की आस है।
#अजमेर उपचुनाव में कल की तारीख के जीत हार का गणित क्या होगा ये तो वक्त बताएगा पर आज की तारीख में भाजपा हार के किनारे पर खड़ी नजर आती है। कांग्रेस और भाजपा के मध्य के फासले को तोला जाए तो भाजपा जाटवाद में फंसते हुए अन्य जातियों को दूर करने का जोखिम लिए हुए और कांग्रेस उन्ही अन्य जातियों के दम पर ये चुनाव जीतने की फिराक में है।
विगत चुनावों पर नजर डालें तो रासासिंह रावत को छोड़कर कोई लगातार सांसद बना नहीं अजमेर संसदीय क्षेत्र और बारी बारी से कई दफा बाहरी चहेरे जीतते भी दिखे। देश में चली मोदी लहर में स्वर्गीय सांवरलाल भी दिल्ली पहुंचे और उनके जाने के बाद उनके पुत्र पूरे जोड़ तोड़ में जुटे हैं। भाजपा भी सांवरलाल जाट के नाम को भुनाना चाहती पर भिनाय विधानसभा से लेकर नसीराबाद की यात्रा देखी जाए तो सांवरलाल जाट जाट नेता से ज्यादा नजर आते नहीं। ऐसे हालात में भाजपा अबकी बार बिन किसी लहर के चुनाव जीतेगी ये आज तो दिखता नहीं।
सांवरलाल की खाली सीट नसीराबाद से उपचुनाव में भाजपा की हार भी ये ही कहती है की ये उपचुनाव बड़ा कठिन डगर बन चुकी भाजपा के लिए। वैसे सांवरलाल जाट के लड़े चुनाव और जीत हार का सम्पूर्ण विश्लेषण भाजपा करेगी अभी भी तो उनके पुत्र का ऐनवक्त पर टिकट काट भी देगी?
विधानसभा वार देखा जाए तो कांग्रेस के लिए #मसूदा,#केकड़ी,#नसीराबाद,#दूदू क्षेत्र बढ़त देते नजर आते हैं। भाजपा अजमेर शहर,पुष्कर,किशनगढ़ में बराबरी करती लगती है।
#मसूदा विधानसभा क्षेत्र में जाट रामचंद्र चौधरी के इशारे पर मतदान करेंगे और ये साहेब किसी वक्त सांवरलाल जाट के सबसे बड़े राजनैतिक प्रतिद्व्न्दी रहे हैं तो अब मिला मौका चूकेंगे ये लगता नहीं। मसूदा में मुस्लिम काठात मेहरात गुर्जर वोट बैंक विधानसभा चुनाव में बिखरा पड़ा था जो अब एकतरफा कांग्रेस के लिए एकजुट हो रहा है। ब्राह्मण बनिया वोट परस्पर विरोध में रहते लगे और नवीन शर्मा की वापसी वर्तमान विधायक को अगली बार टिकट नहीं मिले के फेर में बदलेगी इसका भी डर।
#केकड़ी क्षेत्र की बात करें तो अगर कांग्रेस से रघु शर्मा को टिकट मिलता है तो भाजपा का पुख्ता वोट बैंक ही टूटता दिखेगा। ब्राह्मण सहित राजपूत बहुसंख्यक हैं और वो कांग्रेस को मतदान करने का मंसूबा भी सचिन पायलट का स्वागत करने के दौरान गत दिनों दिखा भी चुके। केकड़ी में अनुसूचित जाति के वोट किसी निर्दलीय अनुसूचित जाति का प्रत्याशी ले जाएगा तो नुकसान भाजपा को ही सबसे ज्यादा।
#नसीराबाद की बात तो वहां सांवरलाल जाट स्वयं भी ज्यादा मार्जिन नहीं बना पाए तो अब उनके ना रहने की स्थिति में गुर्जर बहुल क्षेत्र में कांग्रेस साफ़ बढ़त लेगी ही। अजमेर लोकसभा क्षेत्र के तमाम विधानसभाओं में से नसीराबाद ऐसी सीट है जिसपर कांग्रेस को कम से कम मेहनत करनी पड़ेगी।
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