अमित शाह का स्वागत लील गया जनता की परेशानी

अमित शाह हमारे राजस्थान की राजधानी में पधारे, पर क्या करने वो इतनी दूर से हवाई जहाज से उतरे वो पत्ते अभी तलक किसी ने पट्ठे ने नहीं उघाड़े हैं। 
बड़ी बड़ी खबरें समाचार छन छन कर रहे हैं शाह सत्ता संगठन को मजबूती देंगे पर जहां एक तरफ भाजपाई संगठन और सरकार शाह को लुभाने में लगे रहें, वहीं दूजी तरफ अपराधी कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर बड़ी बैंक लूटों को बेखौफ अंजाम दे गए। 
हाल में राजस्थान पुलिस सबसे तेज का दावा दो तीन की अजमेर-जैपुर की वारदातों से मंदिम सा हो गया। 
ये भी संजोग जोरदार रहा की शाह के दौरे के शुरुआत में ही प्रशासनिक कार्यों की खुल्ल्म खुल्ला पोल हर स्तर पर उधड़ी, ऐसे में शाह का कोई सार्वजनिक बयान सत्ता संगठन को फटकारने दुत्कारने का नहीं आना जनता की बदकिस्मती हो रहा।
अभी भी कुछ नहीं बदला, अगर अमित शाह अपने स्वागत मालाओं तले दबे चक्षुओं को उभारें तो जनता के बुरे हाल उनको साफ़ साफ़ नजर आ जाएं। ज्यादा दूर नहीं जाना ना ही पैदल चलना बस जिस वाहन में विराजे हैं उसी से थोड़ा बाहर झांक लें दिल्ली से आये मेहमान तो सड़कों पर बहता पानी गंदगी नजर आ जायेगी।
कानून व्यवस्था की खामी तो निकालना गलत होगा,क्योंकि अधिकतर लवाजमा तो शाह साहेब की सलामती में लगा दिया, ऐसे में थोड़े से बचे बंदे किधर किधर की निगरानी रख पाते।
ज्यादा कुछ नहीं दस-पंद्रह मिनट के लिए ही जयपुर की सड़कों का अवलोकन कीजियेगा ना जाने अगली बार कब आना होगा।
खासा कोठी सर्किट हॉउस पुलिया के बीचों बीच बहता पानी और उफनते सीवरेज के ढक्क्न हमारे राजधानी को बेस्ट स्मार्ट सिटी बनने नहीं देते और सर्वे में रैंकिंग भी मन माफिक नहीं आती।
एमआई रोड, अजमेरी गेट इत्यादि स्थानों पर कुछ मिनटों का आपका पड़ाव जनता की मुश्किलों को कुछ कम कर सकता , पर अब मेहमान मेहमाननवाजी का कायल हो जनता को भूल जाए इसका कोई कुछ कह नहीं सकता।

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