लिंग भेद का कहर पालतू पशुओं सहित इंसानी बस्ती में मातम मचाये पर हम रहें मौन

लिंग भेद का कहर पालतू पशुओं सहित इंसानी बस्ती में अनदेखे मातम की इमारत बनाने पर अड़ा हे पर हम मौन हे?गो वंश बचाने का दावा करने वाले बहुत हे तो हकीकत में काम करने वाले भी हे पर उनकी दिशा धुंधलाई सी लगती हे /
गाय दूध देती हे तब तलक बहुत प्यारी लगती हे ; जेसे ही दूध देना बंद किया आँखों में खटकने लगती हे ?
बछडी हो जाये तो मालिक खुश बछड़ा होते ही दुःख /
बछड़ो का उपयोग हमारे बड़े बुजुर्ग अच्छे से करना जानते थे पर वर्तमान में बछड़े का उपयोग केवल चमड़े तलक रह गया लगता हे ?
पर्यावरण सरक्षंण में बछड़ो की भूमिका काया पलट जेसी हे पर मेरे देश के पर्यावरणविद्ध और गोवंश बचाने की मुहिम से जुड़े लोग ध्यान नही देते /
इको फ्रेंडली वातावरण तेयार करने के लिए नई नेइ स्कीम लाते हे फिर भी सफल नही हो पाते /
अगर एक प्रयास बछड़ो को यातायात साधन बनाने में किया जाये तो क्या बुरा हे /
रिक्शा ऑटो रिक्शा का चलन हे तो बछडा गाड़ी चला के हो सकती हे पर्यावरण सरक्षंण की कोशिश/
इस तरह के छोटे छोटे उपायों से स्वदेशी ; आत्म निर्भरता ; गोवंश बचाने; खाद उत्पादन; पर्यावरण सरक्षंण जेसे अभियानों को मदद मिलेगी बाकी मर्जी हल्ला मचाने वालों के जिम्मे की क्या वो कोई इमानदार प्रयास करने के मूड में हे भी या नही /
जय हिन्द मेरा भारत महान

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